पहले खाला फिर हलाला – ३

सुबह पांच बजे मेरी आँख खुली तो नूरी खाला मुझसे से चिपट कर सो रही थीं. वे मेरे सीने से लिपटी हुई सोते हुए बड़ी प्यारी और मासूम लग रही थीं, उनको देखते ही मेरा संयम टूट गया. सोते देख मुझे उन पर प्यार आ गया और धीरे से मैंने उनकी गोरी पेशानी चूम ली. मेरे स्पर्श से वह जग गईं और बड़े प्यार से बोलीं- मेरी आँख लग गयी थी.

मैंने पूछा खाला- आपकी तबीयत कैसी है?

“हम्म …”

मैंने प्यार से उनके गुलाबी होंठों को चूमते हुए पूछा- क्या आपको अच्छा नहीं लगा?

वे धीरे से बोलीं- अच्छा तो लगा … मजा भी बहुत आया … पर दर्द बहुत हुआ.

मैंने उनकी चूची मसल दी तो कराहते हुए उन्होंने मेरे होंठों को चूम लिया- आराम से करो न … मेरे राजा मैं पूरी तुम्हारी हूँ.

मैंने फिर से चूची मसली तो शरमाते हुए उन्होंने कहा- तुमने अपनी खाला को बड़ी बेरहमी से जिबह किया, ऐसा भी करता है कोई, देखो मेरी कैसे सूज गयी है.

खाला ने मेरा हाथ पकड़ कर अपनी चुत पर रख दिया. उन्होंने पैंटी भी नहीं पहनी थी. सच में उनकी चुत एकदम सूजी हुई थी. मैंने प्यार से चुत को ऊपर से ही को सहलाया … फिर मैं उनके होंठों को चूमने लगा और वह भी मेरा साथ देने लगीं. मैंने अपनी जीभ उनके मुँह में डाल दी और वह मेरी जीभ को चूसने लगीं. मैंने भी उनकी जीभ को चूसा. मेरी जीभ जब उनकी जीभ से मिली, तो उनका शरीर सिहरने लगा और वे रिसने लगीं क्योंकि मेरे हाथों को उनकी चुत गीली गीली लगने लगी थी. मैंने उनकी चुत को ऊपर से हो चूमा और उसके बाद मैं अपने हाथों से उनके मस्त मोमे दबाने लगा. एक पल बाद ही मुझे उनका निप्पल कड़ा होता सा महसूस हुआ.

अपनी उंगलियों से मैंने निप्पल को खींचा तो खाला कराह उठीं- आआह मेरे राजा धीरे … बहुत दुख रहे हैं.

मैंने निप्पल को किस किया और फिर उनके होंठों को चूमा. मैंने इस डर से कि कहीं खाला मना न कर दें, मैंने उन्हें दबोच लिया और उनके रसीले होंठों को किस करने लगा.

जिसका उन्होंने बड़ी कामुक और मादक अंदाज में जवाब दिया. वह नींद से भरी बोलीं- आमिर, मेरी आदत मत बिगाड़ो, तुम तो कुछ दिनों में चले जाओगे और मैं तड़पती रह जाऊंगी. मेरा तो नंबर ही नहीं लगेगा.

मैंने कहा- खाला इसकी फ़िक्र न करें, आप सबसे सुन्दर, गोरी और मेरे से बड़ी होने के बावजूद मस्त माल हो. आपको देखकर तो कोई भी पागल हो जाएगा, जैसे कि मैं हूँ. आपको मालूम नहीं है मेरी क्या हालत है. मेरा मन आपको देखते ही बेकाबू हो जाता है. आप तो मेरे दिल की मल्लिका हो.

खाला की गोल गोल चूचियों से भरी, उनकी छाती और भरे भरे गालों के साथ उनकी नशीली आंखें, मुझे नशे में कर रही थीं. मैं उनको बोला- आपके होंठों की बनावट तो ऐसी है, अगर कोई एक बार इनका रस चूसना शुरू करे, तो रूकने का नाम ही न ले.

नूरी खाला- मेरे राजा, पहले मेरी चुत चोदो … फिर जैसा चाहे वैसा कर लेना … लेकिन धीरे से चोदना … ताकि दर्द न हो.

मैं उन पर चढ़ कर बेकरारी से उनको चूमने लगा. चूमते वक्त हमारे मुँह खुले हुए थे … जिसके कारण हम दोनों की जीभ आपस में टकरा रही थीं … और हमारे मुँह में एक दूसरे का स्वाद घुल रहा था. मैं कम से कम 15 मिनट तक उनके होंठों का किस लेता रहा. साथ मेरे हाथ उनके मम्मों को दबाने में लगे हुए थे, वो भी मेरा साथ देने लगी थीं.

मैं उनकी चुचियों को बेरहमी से मसलने लगा और वो मादक आवाजें निकालने लगीं- उम्म्ह… अहह… हय… याह…

मादक आवाजें पूरे कमरे में गूंज रही थीं फिर मैंने उनके मम्मों को चूसना शुरू कर दिया. उनके मम्मे कड़क हो गए थे और चूचियां कह रही थीं कि हमें जोर से चूसो.

मैंने चूचियों को दांतो से काटा खाला कराह उठीं- आह आह उह धीरे मेरे राजा धीरे प्यार से चूसो … सब माल तुम्हारा ही है.

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खाला के चूचे अब लाल हो चुके थे. इसके बाद मैं नीचे को आया और मैंने उनकी नाभि को होंठों से चूमा … फिर अपनी जीभ उनकी नाभि में डाल दी. जीभ के खुरदुरे स्पर्श से खाला मस्त हो गईं और मेरे सर को अपने पेट पर दबाने लगीं.

खाला का पेट एकदम सपाट था. कमर पतली और नाजुक थी. मैंने उनके इस इलाके के एक एक हिस्से को चाट डाला. अब मैं उनकी चूत पर हाथ फेरने लगा. चूत पर मेरा सेक्सी टच होते ही उन्हें जैसे करंट सा लगा, उन्होंने मुझे कस कर पकड़ लिया और मुझसे लिपट गईं. उनका गोरा बदन सुर्ख लाल हो गया था. उनकी चूत गीली होने लगी थी.

मैंने पूछा- अब चूत कैसी है?

उन्होंने गांड उठाते हुए कहा- तुम खुद देख लो … तुम्हारे लंड के लिए तड़प रही है.

मैंने उनकी चुत को चूमा तो चूत की खुशबू ने मुझे मदहोश कर दिया. मैं उनकी चूत को चाटने लगा. उनकी चूत के रस में क्या गज़ब का स्वाद था.

खाला बोलीं- आह … मुझे बहुत अच्छा लग रहा है … सच में बड़ा बहुत आराम मिल रहा है.

मेरा उनकी चूत की दरार में अन्दर जीभ पेलते ही वो जोर से चिल्ला उठीं- आआहह … ओमम्म्म … चाटो ना जोर से … इस्स्स … उहह …

वे मचलने लगीं और अपनी गांड को इधर उधर घुमाने लगीं.

अब वो सिसकारियां मारने में लग गई थीं. वो ‘अहह … आहहह … आहहह …’ कर रही थीं. उनके ऐसा करने से मेरे लंड में भी सनसनी होने लगी थी. फिर मैंने अपना लंड उनके हाथ में थमा दिया. कुछ ही पल में मेरा लंड तनकर पूरा 90 डिग्री का हो गया था. खाला मेरे लंड को पकड़कर सहलाने लगीं.

मैंने उनको उठाकर उनकी चूत में अपनी एक उंगली डाल दी, तो वो ज़ोर से चिल्ला दीं- आहह अब बस लंड डाल दो … अब और इंतज़ार नहीं होता … प्लीज जल्दी करो ना … प्लीज आहहह.

जब मैंने उनकी चूत में अपनी उंगली की तो वो मेरे लंड को ज़ोर से आगे पीछे करने लगीं और ज़ोर से मोन करने लगीं. उनकी चूत पूरी डबल रोटी की तरह फूली हुई थी. अब मैं उन्हें उंगली से लगातार चोद रहा था.

वो ज़ोर से सीत्कारें भर रही थीं- आह ये तूने क्या कर दिया … अब मुझसे रहा नहीं जा रहा है … मेरी जान जल्दी से चोद दो … मेरी चूत में आग लग रही है.

खाला ज़ोर-जोर से हाँफ रही थीं और ऐसे लग रहा था … जैसे कई मीलों से दौड़कर आई हों.

उनके मुँह से ‘आहह … एम्म … ओह … आआअ … डालो ना अन्दर …’ जैसी आवाजें निकल रही थीं. अब मैंने उनकी गांड के नीचे एक तकिया लगाया और उनके दोनों पैरों को फैला दिया. फिर अपना लंड उनकी चूत की फांकों में डाल दिया. जैसे ही मेरे लंड का सुपारा उनकी चूत में गया … तो वो ज़ोर से चिल्लाने लगीं- उम्म्ह… अहह… हय… याह… बहुत मोटा है … नहीं मुझे छोड़ दो … नहीं मैं मर जाऊँगी … आह … अपना लंड बाहर निकाल लो.

लेकिन मैंने उनकी चिल्लपों को अनसुना करते हुए एक ज़ोर का धक्का लगा दिया. तो वो और ज़ोर से चिल्ला उठीं.

फिर मैंने उनके होंठों पर किस करते हुए उनके मुँह को बंद किया और अपने लंड के धक्के लगाता गया. वो बेहद छटपटा रही थीं और अपने बदन को इधर से उधर करने में लगी थीं. लेकिन मैं नहीं माना. इस वक्त मैं नूरी खाला की चूत में धक्के पे धक्के लगाए जा रहा था. उनकी आँखों से आंसू निकल रहे थे. फिर मैंने एक जोर का झटका लगा दिया. इस एक तगड़े झटके में मेरा पूरा लंड उनकी चूत के अन्दर चला गया. उनकी दबी हुई आह निकल गयी.

पूरा लंड पेलने के बाद मैं कुछ देर के लिए उनके ऊपर ही पड़ा रहा. कुछ देर के बाद जैसे ही वो शांत हुईं तो मैं उनके मम्मों को चूसने लगा. अपने एक हाथ से उनके बालों और कानों के पास सहलाने लगा था. फिर कुछ ही देर के बाद मैंने उनके कानों को भी चूमना शुरू कर दिया. अब कुछ पल बाद वो फिर से गर्म हो गईं और उनकी कमर ने हिल कर मेरे लंड को इशारा दिया.

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मैंने धीरे-धीरे धक्के लगाना शुरू किया … तो पहले पहल वो चिल्लाईं, लेकिन फिर कुछ देर के बाद चुप होकर लंड को जज्ब करने लगीं.

मैंने पूछा- खाला, मज़ा आ रहा है?

वो धीरे से बोलीं- हाँ बहुत मज़ा आ रहा है … मेरी इस चूत का इलाज सिर्फ तुम्हारी चुदाई ही है … हायईई … म्म्म्मम!

मैंने धक्के तेज किए तो वो जोर-जोर से चिल्लाने लगीं. फिर कुछ देर के बाद मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी. अब दर्द खत्म हो गया था और वो पूरी मस्ती में थीं … मस्ती में सिसकारियां ले रही थीं- अआहह आआइईई … और करो … बहुत मजा आ रहा है.

इस वक्त वो इतनी मस्ती में आ चुकी थीं कि पूरा का पूरा शब्द भी नहीं बोल पा रही थीं. मैं अपनी स्पीड धीरे-धीरे बढ़ाता जा रहा था.

“हाआअ … राआआजा … आईसीईई … चोदो और जोर से चोदो … आज मेरी चूत को फाड़ दो … आज कुछ भी हो जाए … लेकिन मेरी चूत फाड़े बगैर मत झड़ना … आआह और ज़ोर से … उउईईई अल्ला … आहह …” वे ऐसे ही गर्म आहें और कराहें निकाल रही थीं.

फिर कुछ देर के बाद मैंने महसूस किया कि मेरा लंड पानी से भीग रहा है. अब वो भी अपना पानी छोड़ने वाली थीं. वो नीचे से अपनी कमर उठा-उठाकर चिल्ला रही थीं और बड़बड़ा रही थीं- आहहह और चोदो मेरी चूत को … आज मत छोड़ना … इसे भोसड़ा बना देना.

मैंने कमर उठा आकार लम्बे लम्बे धक्के देना चालू कर दिए.

वे कुछ देर के बाद बोलीं- हाय मेरे राजा … मैं झड़ने वाली हूँ.

मैंने उनकी गांड पकड़कर अपनी स्पीड बढ़ा दी, तो वो भी कुछ देर के बाद झड़ गईं.

फिर वो अचानक से चिल्ला भी नहीं सकीं, क्योंकि उनका मुँह मेरे मुँह से दबा था और मैं उनको ज़ोर-ज़ोर से किस करता गया और धक्के लगाते गया.

तभी मेरे मुँह से उनका मुँह एक पल के लिए छूटा कि वो बोल उठीं- आह … आज फाड़ ही डाल मेरी चूत को … वो तुम्हारे जैसा ही लंड मांगती है.

इसके बाद मैंने फिर से धक्कों का रेला पेला जमा दिया तो वो कुछ नहीं बोलीं … शायद पानी छूट गया था. लेकिन मैं उन्हें लगातार धक्के लगा रहा था.

मैं ऐसे ही पांच मिनट तक उनको इसी पोज़िशन में चोदता चला गया. शायद अब उन्हें फिर से मज़ा आने लगा था. अब वो भी अपने कूल्हे उछाल-उछालकर मुझसे चुदवा रही थीं. मैंने उन्हें और ज़ोर-जोर से चोदना शुरू कर दिया था. फिर थोड़ी देर के बाद वो फिर झड़ गईं और शांत पड़ गईं. मैं उनको चूमता रहा और उनके मम्मों को सहलाता रहा.

फिर मैंने कहा- इस बार खाला आप ऊपर आ जाओ.

उनकी हां हुई और मैं उनके नीचे और खाला मेरे ऊपर आ गई थीं. मेरे तनकर खड़े लंड पर धीरे धीरे अपनी चूत दबाकर लंड को अन्दर घुसा रही थीं. दोस्तों आज पहली बार में उसकी चूत की चमड़ी को अपने लंड की चमड़ी पर रगड़ते हुए देख रहा था और मैं आपको बता नहीं सकता कि मुझे उस समय कितना मज़ा आ रहा था. वो मेरे लंड पर धीरे से उठतीं और फिर नीचे बैठ जातीं, जिसकी वजह से लंड अन्दर बाहर हो रहा था. वो खुद अपनी चुदाई मेरे लंड से कर रही थीं और बहुत मज़े कर रही थीं. सच कहो तो नंगी खाला मेरे लंड पर उछलते हुए मुझे बहुत मादक लग रही थीं. उनके रेशमी सुनहरे बाल चारों तरफ फ़ैल गए थे. खाला उन्हें पीछे करते हुए मेरी छाती पर अपने हाथ रख देती थीं.

मैंने भी अपने चूतड़ उठा कर उनका साथ दिया. जब मेरा लंड उनकी चूत के अन्दर पूरा समा जाता था, तो हम दोनों की आह निकल जाती थी. फिर मेरे हाथ उनके हिलते हुए मम्मों को मसलने लगे. मैं उनकी चूचियों को खींचने लगता था तो खाला सिहर जाती थीं और सिसकने लगती थीं.

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उसके बाद खाला मेरे ऊपर झुक गयी और हम लिप किस करते हुए लय से चोदने में लग गए. मैं खाला को बेकरारी से चूमने लगा और चूमते चूमते हमारे मुँह खुले हुए थे जिसके कारण हम दोनों की जीभ आपस में टकरा रही थीं.

इस तरह से मैंने खाला की जम कर चुदाई की और उनको जन्नत की सैर करा दी. मेरे लंड की लगातार चोटों से थोड़ी देर के बाद खाला फिर से झड़ गईं.

इसके बाद मैंने उनको घोड़ी बना दिया. अब मैंने उनकी चूत में पीछे से लंड को डालकर चोदना शुरू किया. मुझे लगा पीछे से लंड ज्यादा अन्दर तक गया और पहले से ज्यादा मजा आया.

खाला भी मस्ती में गांड आगे पीछे कर मेरा साथ देने लगीं. उनका दर्द वाला चिल्लाना एकदम बंद हो गया. मैं उन्हें लगातार धक्के देकर चोदता रहा. बीच बीच में पीछे से उनके मम्मों को पकड़ कर दबाता भी रहा. जब मैं उनके मोमे दबाता था, तो वह मुँह पीछे कर मुझे किस करने को कहती थीं और मैं उनके लिप्स चूसने लगता. मैंने करीब दस मिनट तक लगातार उनको उसी पोज़िशन में चोदा, उनकी हालत बुरी हो गई थी … वह कई बार झड़ चुकी थीं.

खाला निढाल होकर लेट गईं. मैं उनको प्यार से सहलाने लगा और किस करने लगा. मैं बोला- खाला क्या आपको मजा आया … दर्द तो नहीं हुआ?

खाला बोलीं- बहुत मजा आया … मेरे दुखती चूत का इलाज तुम्हारे लंड की चुदाई ही है.

खाला की चूत बुरी तरह से सूज चुकी थी … एकदम पकौड़ा हो गई थी. लेकिन मैं एक बार भी नहीं झड़ा था और लंड अभी भी तनतनाया हुआ खड़ा था.

खाला ने लंड को सहलाते हुए कहा- आज क्या बात है … ये ढीला क्यों नहीं हो रहा है?

मैंने कहा- आज ये आपकी गांड मारे बिना नहीं रूकेगा.

खाला शर्मा कर सिकुड़ गईं और मुझसे लिपट गईं. खाला बोलीं- आमिर, आज सारा भी वापिस आ जाएगी और शाम को तुम्हारा उसका निकाह हो जाएगा. फिर तुम उसको भी जम के चुदाई का पूरा सुख देना … बेचारी चुदाई के लिए बहुत तड़पी है. आज सारी रात तुमको उसकी चुदाई करनी है. मेरी गांड तो तुम, जब मर्जी मार लेना. अभी मेरी चूत की आग ठंडी करके थोड़ा आराम कर लो.

मैंने कहा- जो हुकुम मेरी मुमताज मलिका.

मैं खाला को बेकरारी से चूमने लगा. चूमते हुए हमारे मुँह खुले हुए थे, जिसके कारण हम दोनों की जीभ आपस में टकरा रही थीं. फिर मैंने खाला की जम कर चुदाई की और उनको जन्नत की सैर कराई. फिर थोड़ी देर के बाद वो फिर झड़ गईं. खाला कई बार झड़ने के बाद निढाल हो रही थीं. मैं उनकी चूत में धक्के लगाने चालू रखता तो खाला फिर गर्म हो जाती थीं. आखिरी बार हम दोनों एक साथ झड़ गए. हम दोनों जन्नत में थे … इतना मजा आह. बस मत पूछो यार मज़ा आ गया.

खाला के शरीर पर कई नीले निशान पड़ गए थे. फिर उनको प्यार से सहलाते हुए और उनके होंठों पर किस करते हुए मैंने कहा- आय लव यू खाला … आपको चोद कर मैं धन्य हो गया.

खाला सिसकते हुए बहुत प्यारी लग रही थीं, लेकिन मुझसे गुस्सा भी थीं. वे बोलीं- जाओ हम तुमसे अब कभी नहीं चुदवाऊंगी … कोई ऐसे भी अपनी खाला को चोदता है.

उनकी आंखों से आंसू आ गये, लेकिन मुझे उनके चेहरे पर संतुष्टि साफ साफ नजर आ रही थी.

इसके बाद अगले भाग में अपनी आपा सारा के हलाला का जबरदस्त चुदाई का किस्सा सुनाने वाला हूँ.

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