दोस्त की बहन को दोनों तरफ से बजाया

नमस्कार साथियों, मेरा नाम दृगपाल है और आज में आप सभी को अपनी एक नई कहानी सुनाने जा रहा हूँ. मेरी यह कहानी बहुत मस्त है, इसमें में आप लोगो को बताऊंगा कि कैसे मैंने अपने फ्रेंड की सिस्टर को चोदा और हमने सेक्स में क्या-क्या किया और हमने कितने मज़े से सेक्स किया और कब और कैसे किया.

पहले मैं अपना और अपने दोस्त की सिस्टर का परिचय दे देता हूँ. मेरा नाम दृगपाल है और मेरी उम्र 23 है, लेकिन जब मैंने अपने फ्रेंड की सिस्टर को चोदा, तब मेरी उम्र 20 साल थी, मेरी हाईट 5.7 है और मेरा लंड 3 इंच मोटा और 8 इंच लंबा है और अब मेरे दोस्त की सिस्टर के बारे बताता हूँ. मेरे दोस्त की फेमिली बहुत अमीर है और उसके पापा का एक बिजनेस है और उसकी मम्मी भी एक विभाग में सरकारी नौकर है तो उनके घर पर पैसो की कोई कमी नहीं है. मेरे दूसरे मित्रों की तुलना में वो मेरा बहुत अच्छा दोस्त है और मेरे दोस्त का घर डबल मंजिल है. उसके एक सिस्टर है जो उससे बड़ी है और उनकी उम्र 24 साल है, उनका नाम दिशा है और वो अभी कुछ समय पहले ही B.A. करके ग़ज़िआबाद लौटी है.

वो अभी ग़ज़िआबाद में ही है और कोई नौकरी ढूंढ रही है, उनकी हाईट 5.6 है, रंग गोरा है और बाल लंबे व काले है और उनको टाईट कपड़े पहना पसंद है, उनका फिगर भी बहुत आकर्षक है, उनका साईज 36-25-36 है और वो अभी बंगलौर से अपनी पढ़ाई करके आई थी और वैसे ही उनके बूब्स थोड़े बाहर की तरफ दिखने लगे थे. बड़े शहर में रहने का असर उन पर और उनके कपड़ो पर साफ साफ दिख रहा था. मित्रों जैसा कि मैंने आपको पहले बताया कि मेरा दोस्त पैसे वाला है, लेकिन मेरे घर पर नेट नहीं है, तो में अपने दोस्त के घर पर जाकर यह काम किया करता था. उनके घर पर एक कंप्यूटर और दो लेपटॉप थे और एक लेपटॉप उसकी दीदी बंगलौर से लेकर आई थी जो कि उसका खुद का था. मित्रों हम दोनों ने साथ में एक कॉलेज में एड्मिशन लिया था और हम बी.कॉम. कर रहे थे और में उसके साथ ही कॉलेज जाया करता था.

तो लगभग आधे दिन में अपने दोस्त के घर पर ही रहता था. फिर जब उसकी दीदी ग़ज़िआबाद से आई थी तो मैंने थोड़ा उनके घर पर आना जाना कम कर दिया था, लेकिन मेरा वो एक अच्छा दोस्त था इसलिए उसकी दीदी के लिए मेरे दिल में कोई बुरी बात तो थी नहीं और ना ही मेरी बुरी नज़र थी, में भी उनको दीदी कहता था और उनकी बहुत इज्जत करता था, लेकिन यह इज्जत अब उनके बंगलौर से लौटने के बाद ज्यादा दिन नहीं रह सकी. तो मित्रों में अपने दोस्त के घर कहानियाँ पढ़ने, अपने मेल्स चेक, करने और कॉलेज जाने के लिए जाया करता था. हम कभी कभी रात में भी साथ रुकते थे और अपनी पढ़ाई करते और कोई भी काम रहता तो पहले में अपने दोस्त के घर पर जाया करता और फिर अपना काम किया करता था.

एक दिन जब मैं अपने दोस्त के घर पर बैठकर स्टोरी पढ़ रहा था तो तभी मैंने देखा कि दीदी मेरी तरफ आ रही है तो मैंने मिनिमाइज़ कर दिया और फिर दीदी आए तो केवल डेस्कटॉप खुला हुआ था तो उन्होंने इस बात पर गौर किया, लेकिन कुछ भी नहीं बोला और चली गई. उन्होंने नीचे जो मिनिमाइज़ था उसमे यह भी पढ़ लिया था कि क्या खुला हुआ है? और मेरे साथ ऐसा ही करीब दो तीन बार हो गया, लेकिन ना वो कभी मुझसे कुछ बोली और ना कभी में उनसे कुछ बोला. तो उसके बाद एक दिन मुझे एक मैल आया कि मेरे साथ चेट करो, उस समय दिन के तीन बजे थे तो में अपने दोस्त के घर पर पहुंच गया और वहां पर जाकर मैंने देखा कि दोस्त की दीदी कंप्यूटर पर बैठी हुई थी और दोस्त अपने लेपटॉप पर और फिर मैंने उसको बोला कि यार मुझे चेट करना है, अभी मुझे एक मैसेज आया है. तो वो बोला कि यार में तो अभी अपनी गर्लफ्रेंड से बात कर रहा हूँ, तू एक काम कर दीदी से पूछ ले तो में दीदी के पास गया तो दीदी बोली कि में अभी ज़रूरी मेल्स चेक कर रही हूँ, तुम मेरा लेपटॉप ले लो और तुम्हे उसमे जो करना हो वो करना. फिर मैंने उन्हे धन्यवाद कहा, मेरे दोस्त के घर पर वाई-फाई लगा हुआ था.

फिर मैंने दीदी का लेपटॉप खोल लिया और में अपने मेल्स चेक करने लगा. फिर मेरी चेटिंग चल रही थी कि तभी दीदी का लेपटॉप डिसचार्ज हो गया और बंद हो गया. तो मुझे टेंशन हो गई क्योंकि मेरी मैल आई डी खुली रह गई थी और दीदी कहीं मेरे चेट ना पढ़ ले और फिर मैंने लेपटॉप को चार्जिंग पर लगा दिया.

फिर मेरे पापा का कॉल आया तो में अपने घर पर चला गया. दूसरे दिन से सब कुछ ठीक चल रहा था और आज भी दीदी मुझसे कुछ नहीं बोली और मैंने भी उनसे कुछ नहीं कहा और फिर करीब 10 दिन बाद मुझे एक मैल आया. मित्रों वैसे तो मुझे बहुत सारे मैल आते रहते है, लेकिन यह वाला मैल भी सेक्स के कॉल के लिए था. मैंने मैल चेक किया तो उसमे लिखा हुआ था में ग़ज़िआबाद से हूँ और में तुम्हारे साथ सेक्स करना चाहती हूँ, प्लीज मुझे चोद दो, मेरी चूत चुदाई के लिए तरस रही है. फिर मैंने मैल का जवाब भेज दिया और फिर हमारी चेटिंग चलती रही. मित्रों में अपने दोस्त की कंप्यूटर टेबल पर बैठकर यहाँ से चेट कर रहा था और दीदी वहीं बेड पर लेटकर, लेकिन दीदी ने मुझे यह तब नहीं बताया था, यह मुझे बाद में पता चला.

Read New Story..  ऑफिस वाली का काम लगाया

फिर दीदी से करीब एक घंटे चेट चली और इस दौरान उन्होंने मुझे नहीं बताया कि वो कौन है? फिर उसके बाद मैंने उसे जैसे ही कहा कि आप यह बताओ कि मुझे आपसे कब मिलना है? तो वो बोली कि जब तुम्हारा फ्रेंड बाहर जाएगा तब तुम आ जाना, उस रात हम मेरे रूम में मिलेंगे. तो में उनकी यह बात सुनकर बहुत हैरान हुआ और मैंने उनसे पूछा कि आप मेरे किस फ्रेंड की सिस्टर है और मेरा कौन सा दोस्त है जो अभी बाहर जाने वाला है? तो दीदी ने बोला कि जिस फ्रेंड के घर पर तुम हो, वो शायद अभी अपने पापा के साथ काम से दो दिन के लिए बाहर जाएगा तब तुम मुझे सेक्स के लिए मिलना.

मित्रों में बहुत चकित था और फिर मैंने पीछे मुड़कर देखा तो वहां पर दीदी थी और वो मेरी तरफ मुस्कुरा रही थी, लेकिन में बहुत बड़ी उलझन में फंसा हुआ था, क्योंकि वो मेरे एक दोस्त की सिस्टर थी. फिर मैंने दीदी को मैल कर दिया कि क्या इस बारें में हम रात को फोन पर बात कर सकते है? अभी तो में कोई जवाब देने की हिम्मत नहीं कर पा रहा हूँ. फिर दीदी का जवाब आया कि ठीक है तुम जब बोलो तब बात कर सकते है. तो मैंने कहा कि ठीक है दीदी और में वहां से उठा और मैल आई डी को साईन आउट किया और अपने घर पर चलता बना. फिर दिनभर यही सोचता रहा कि यह करना चाहिए या नहीं करना चाहिए? और यह सही होगा या नहीं होगा? और फिर उसके बाद मैंने रात का खाना खाया और अपने रूम में चला गया. फिर करीब रात में 12 बजे दीदी का कॉल आया तो मैंने कॉल उठाया और दीदी बोली..

दीदी : हैल्लो डियर, कैसे हो?

मैं : हाए दीदी, में बिल्कुल ठीक हूँ.

दीदी : क्या कर रहे हो?

मैं : कुछ नहीं दीदी बस में पढ़ रहा था, लेकिन मेरा मन नहीं लग रहा था.

दीदी : अच्छा तो यह बताओ कि तुमने सेक्स के बारे में क्या सोचा?

मैं : दीदी मुझे कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन आप मेरे एक बहुत अच्छे दोस्त की सिस्टर हो बस दिक्कत यही है.

दीदी : अरे वो सब छोड़ो यार, अभी हम सिर्फ़ सेक्स करने के लिए मिलते है और सेक्स करते है और मस्त रहेंगे.

मैं : दीदी, लेकिन आपको पता कैसे चला मेरे इस काम के बारे में?

दीदी : यार देखो मैंने तुमको कितनी बार सेक्सी कहानियाँ पढ़ते हुए पकड़ा है, उस दिन मैंने अपने लेपटॉप पर तुम्हे चेट करते देखा और उसके बाद मैंने पता नहीं कितनी बार तुम लोगो को सेक्स की बातें करते हुए सुना.

मैं : ठीक है दीदी और

दीदी : और यार तुम्हारे लंड का बहुत मस्त साईज़ है, मुझे सेक्स करने में कोई दिक्कत नहीं है, वैसे जब में बंगलौर में रहती थी तो मेरा वहां पर एक बॉयफ्रेंड था और हम हर कभी सेक्स करते, लेकिन जब से में ग़ज़िआबाद आई हूँ तब से मेरी चूत में बहुत खुजली चल रही है.

दीदी : ठीक है और बताओ फिर जब हम मिलेंगे तो तुम मेरे साथ क्या क्या करने वाले हो?

मैं : अरे दीदी यह सब तो आपके ऊपर है में तो सिर्फ़ आ जाऊंगा फिर आप जैसे चाहो मुझे काम में ले सकती हो में उस टाईम के लिए केवल आपका ही रहूँगा, आपकी जो भी करने की मर्ज़ी हो आप वो कर सकती हो.

दीदी : देख लो फिर जब मिलेंगे तो मना मत करना कि में यह नहीं कर सकता वो नहीं कर सकता.

मैं : ठीक है, दीदी में तो सब कुछ कर सकता हूँ.

दीदी : दो महीने की खुजली है तो तुम सोच लो में एक दिन तो तुमको अपना लंड बाहर ही नहीं निकालने दूंगी, क्योंकि मेरी चूत में इतनी खुजली चल रही है.

मैं : हाँ दीदी ठीक है जैसे आप बोलो मुझे क्या दिक्कत होगी, में तो पूरा तैयार होकर आऊंगा.

दीदी : अच्छा वो कैसे?

मैं: देखो दीदी में आपको बताता हूँ, पहली बात तो यह है कि अब जब तक हम सेक्स नहीं कर लेते में किसी और से सेक्स नहीं करूँगा है और फिर उसके बाद में एक आयुर्वेदिक टॅबलेट भी लेता हूँ जिससे कि मेरा जल्दी निकलता भी नहीं है और मेरा साईज़ तो वैसे ही अच्छा है वो आप जानती ही है.

दीदी : हाँ, अब तुम्हारा लंड देखने और मुहं में लेने पर ही पता चलेगा कि कैसा है और कितना मज़ा आता है?

मैं: हाँ ठीक है दीदी मुझे कोई दिक्कत नहीं है आप यह समझो कि में तो आज भी सेक्स करने के लिए तैयार हूँ.

दीदी : चलो ठीक है अब में फोन रखती हूँ और अब मेरी फेमिली के बाहर जाने का इंतजार करते है और उसके बाद हम मस्ती करेंगे.

मैं: ठीक है दीदी, बाय.

फिर में सो गया और दो, तीन दिन तक में दोस्त के घर पर भी नहीं गया और इस दौरान मेरे दोस्त से और उसकी सिस्टर से भी फोन पर बात करता और फिर एक दिन शाम को मेरे दोस्त का मेरे पास कॉल आया कि यार दृगपाल में, पापा और मम्मी बाहर जा रहे है और हम तो दीदी को भी ले जाते, लेकिन दीदी कह रही है कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है तो यार तुम एक काम करना कि जब हम जाए तो तू हमारे घर पर आकर रुक जाना, क्योंकि रात के टाईम दीदी अकेली रहेगी तो अच्छा नहीं है. तो मैंने कहा कि ठीक है यार, लेकिन तुम लोग कब जा रहे हो? तो उसने कहा कि यार हमारे कल 12 बजे की गाड़ी है, हमको भोपाल जाना है, कल जाएँगे और दो दिन बाद भोपाल से बैठकर सुबह इंटरसिटी से वापस आ जाएँगे, तुझे तो बस दो रातों के लिए ही आना है. तो मैंने कहा कि ठीक है यार में आ जाऊंगा, तू टेंशन मत ले.

Read New Story..  अनुष्का मेरी सहेली

फिर वो मुझसे बोला कि अच्छा अब सुन, तू कल मेरे घर पर 11 बजे आ जाना ताकि तू मुझे स्टेशन छोड़ सके. तो मैंने कहा कि ठीक है यार मुझे तो कोई दिक्कत नहीं है और फिर में दूसरे दिन 11 बजे उसके घर पर पहुँच गया और वहाँ पर पहुँचकर घंटी बजाई तो दरवाजा मेरे दोस्त की दीदी ने खोला, वो एकदम मस्त कयामत लग रही थी और उन्हे देखकर ऐसा लग रहा था कि 10-12 मिनट पहले ही नहाकर बाहर आई हो, क्योंकि उनके बाल गीले थे और उन्होंने एक सफेद कलर की टी-शर्ट पहनी हुई थी.

फिर उन्होंने मुझे देखते ही आँख मारी और बोली कि देख लो दृगपाल मैंने तो तैयारी भी चालू कर दी, अब तुम जल्दी से इन लोगों को छोड़कर आओ और फिर में आज तुमको नहीं छोड़ूँगी तो मैंने एक हल्की सी स्माइल दी और फिर में अंदर चला गया. फिर में सीधे अपने दोस्त के रूम में गया और मैंने उसकी सामान पॅकिंग में थोड़ी बहुत मदद की. उसके बाद जब उसकी पॅकिंग हो गई तो मैंने उससे कहा कि चले क्या? तो वो बोला कि रुक भाई में देखकर आता हूँ कि मम्मी, पापा तैयार हो गए क्या? तो मैंने कहा कि चल ठीक है तब तक में भी पानी पीकर आता हूँ.

फिर जैसे ही में किचन में पानी पीने गया तो मैंने देखा कि दीदी शरबत बना रही थी और वो मुझे देखकर बोली कि क्या हो गया? तो मैंने कहा कि दीदी मुझे पानी पीना है. तो दीदी ने एक ग्लास में पानी लिया और मुझे देने के लिए जब मेरे पास आई तो मेरे लंड को पेंट के ऊपर से ज़ोर से मसल दिया. मैंने कहा कि क्या बात है दीदी, आपसे तो कंट्रोल भी नहीं हो पा रहा है?

दीदी बोली कि यार दृगपाल मुझे दो महीने हो गए है कंट्रोल करते हुए, अब तुम सामने हो और अब में कैसे कंट्रोल करूं? तुम खुद बता दो यार मुझे तो मैंने कहा कि दीदी बात तो आपकी एकदम सही है, लेकिन अभी आपको दो घंटे तो और इंतजार करना ही पड़ेगा, में अभी आपकी फेमिली को छोड़कर आ जाता हूँ और तब तक आप भी तैयार रहो और फिर हम दिल लगाकर मस्ती करेंगे और खूब मज़े करेंगे, बस दो घंटे की बात है, तो दीदी बोली कि चल ठीक है में इंतजार करती हूँ तुम जल्दी से जाओ और जल्दी से आ जाना और हाँ लौटते समय शहद और कंडोम का पैकेट ज़रूर लेकर आना. फिर मैंने कहा कि ठीक है दीदी और कुछ? दीदी बोली कि नहीं बस अब तो जाओ. मैंने अपना पानी का ग्लास पानी पीकर रखा और बाहर आ गया और में अपने दोस्त के रूम में जा रहा था और मेरा दोस्त अपना बेग लेकर बाहर वाले रूम में आ रहा था तो हम बाहर वाले रूम में बैठ गए.

हम लोग वहां पर बैठे हुए थे इतने में अंकल आंटी भी आ गए और दीदी जूस लेकर आई. सबने जूस पिया और सब बाहर की और जाने लगे और में सबसे आखरी में बाहर निकला और मेरे बाहर निकलते समय भी दीदी ने मुझसे बोला कि दृगपाल जल्दी लौट आना में तुम्हारा इंतजार कर रही हूँ. तो मैंने कहा कि ठीक है और में अपने दोस्त को छोड़ने चल दिया और फिर हम स्टेशन पहुंचे और मैंने उसको गाड़ी में बैठा दिया और अंकल आंटी को नमस्ते किया और वहां से चलता बना. फिर रास्ते से जो सामान दीदी ने कहा था वो लिया और चलता बना.

फिर उनके घर पर पहुंचकर बेल बजाई, करीब एक मिनट के बाद दीदी आई और उन्होंने दरवाज़ा खोला और मुझे अंदर खींचकर दरवाज़ा बंद कर दिया. मित्रों इस समय दीदी एक गुलाबी कलर की टॉप में थी और नीचे पीले रंग की केफ्री पहने हुई थी और मुझसे कहने लगी कि दृगपाल तुम्हारे जल्दी आने के लिय बहुत-बहुत धन्यवाद, अब तुम जल्दी से शुरू हो जाओ और अपना दम मुझे बताओ.

फिर में उस समय सोफे पर बैठा हुआ था और वो मेरे पास आई और अपने दोनों पैर मेरे पैर के ऊपर करके बैठ गई और मुझे लिप किस करने लगी और करीब 5 मिनट तक उन्होंने मुझे लीप किस किया. वो इतनी ज्यादा गरम हो गई थी कि वो मेरे होंठो को चूसने तक लग गई थी और फिर उन्होंने मुझे छोड़ा और बोली कि चलो यार अब हम मेरे बेडरूम में चलते है. तो मैंने कहा कि ठीक है दीदी और में उनके पीछे पीछे बेडरूम की तरफ चल दिया और बीच में रुककर पीछे मुड़कर उन्होंने मुझे कहा कि अब दीदी बोलना बंद कर दे पागल, मेरा नाम ले दिशा और आने वाले दो दिन और रात तक तुम मुझे जमकर चोदो और अभी से ही शुरू हो जाओ.

फिर मैंने कहा कि ठीक है दीदी और फिर हम लोग उसके बेडरूम में पहुंचे और वो सीधे बेड पर लेट गई और मुझे भी बेड पर आने का इशारा कर रही थी. तो में जैसे ही बेड पर गया तो उसने मुझे ज़ोर से अपने ऊपर खींच लिया और किस करने लगी. इस बार हमारी किसिंग करीब दस मिनट तक चली, इस दौरान उसने मुझे इतने ज़ोर से काटा कि मेरे होंठ से खून आने लगा और फिर उन्होंने मेरी शर्ट के बटन खोलना शुरू कर दिया और मैंने भी उनके टॉप को उतार दिया और उन्होंने नीचे एक गुलाबी कलर की ब्रा पहनी हुई थी और उनके बूब्स एकदम मस्त, टाईट, लेकिन बिल्कुल भी लटके हुए नहीं थे तो मैंने उनसे कहा कि दीदी आपके बूब्स तो बहुत मस्त है, तभी उसने मुझे एक थप्पड़ मार दिया.

मैंने पूछा कि क्या हो गया दीदी? तो उसने मुझे एक और थप्पड़ मारा और बोला कि मैंने दीदी बोलने से मना किया है, सिर्फ मुझे दिशा कहो और कुछ नहीं, समझे या नहीं? तो मुझे भी गुस्सा आ गया और मैंने भी कहा कि ठीक है दिशा और मैंने ज़ोर से उसके बूब्स को दबा दिया और वो दर्द से चिल्ला उठी और बोली कि थोड़ा आराम से कर ना कुत्ते और फिर मैंने उनको धक्का देकर लेटा दिया.

Read New Story..  Drishyam, ek chudai ki kahani-2

उसके बाद मैंने उनको पहले 5 मिनट तक लिप किस किया और फिर धीरे धीरे नीचे आते हुए उनकी गर्दन पर किस किया और ब्रा के ऊपर से एक बूब्स को किस किया तो दूसरे बूब्स को दबा रहा था और वो मोन करने लगी थी. फिर मैंने उनके बूब्स को इतना ज्यादा ब्रा के ऊपर से सक कर दिया कि उनकी ब्रा का बहुत सारा हिस्सा गीला हो गया और उसके बाद मैंने धीरे से उनको लेटा दिया और फिर नीचे से उनकी कमर को किस करने लगा और उनकी पीठ पर हर एक जगह किस किया और फिर धीरे से अपने दांत से उनकी ब्रा का हुक खोला. फिर उनको सीधा लेटा दिया और उनकी ब्रा को दांत की मदद से ही उनके शरीर से अलग कर दिया, तो मैंने उनके निप्पल देखे तो वो आकार में थोड़े बड़े थे. मैंने उनको किस किया और बोला कि वाह दीदी आपके निप्पल को सक करने में मज़ा ही आ गया. वो अब तक भूरे तो हो ही चुके थे और दीदी भी मज़े से चुसवा रही थी और मेरे बालो में हाथ फेर रही थी और में भी उनके बूब्स को ज़ोर ज़ोर से चूसते हुए उनको काट भी रहा था.

फिर दीदी बोली कि साले हरामी मैंने तेरे होंठ ज़ोर से सक किए थे तो क्या तू भी अब बदला लेगा क्या? मैंने तो कोई जवाब ना देते हुए उनके बूब्स को बहुत देर सक किया, करीब 20 मिनट तक करता ही रहा और फिर उनके बूब्स को छोड़कर एकदम खड़ा हुआ तो उन्होंने तुरंत मेरी जीन्स को खोल दिया और फिर मैंने भी उनकी केफ्री को नीचे कर दिया और मैंने अपनी बनियान को भी उतार दिया, अब हम दोनों सिर्फ़ अंडरवियर और पेंटी में थे और उसके बाद में फिर से बेड पर लेट गया और उनको किस करने लगा, उनकी पेंटी के ऊपर हाथ फेरने लगा. फिर मैंने महसूस किया कि उनकी पेंटी करीब आधी गीली हो गई थी और में अपना हाथ उनकी पेंटी पर रगड़ रहा था और एक हाथ से उनके नंगे बूब्स दबा रहा था और किस किए जा रहा था.

फिर उन्होंने धीरे से अपना एक हाथ मेरी अंडरवियर के अंदर डाला और जैसे ही उन्होंने मेरे लंड को अपने हाथ में लिया तो उनका मुहं खुला का खुला रह गया. वो तुरंत बैठ गए और मेरी अंडरवियर को नीचे कर दिया और उसके बाद उन्होंने मेरे लंड को देखकर बोला कि यह है तो बहुत मज़ेदार है मुझे तो मज़ा आ जाएगा इसको अपने अंदर डलवाने में, आज तक जो लंड मैंने डलवाया है वो छोटा था और पतला था, लेकिन तुम्हारा लंड तो अच्छा खासा मोटा है और लम्बा भी है.

फिर उन्होंने मुझे पहले दो मिनट लिप किस किया और उसके बाद उन्होंने मेरे लंड पर किस किया और उसको सक करने लगी और करीब 5 मिनट के बाद मैंने उनको धक्का देकर लेटा दिया और में भी उनकी चूत को उनकी पेंटी के ऊपर से किस करने लगा और मैंने उनकी पेंटी को उतार दिया.

मैंने देखा कि उनकी चूत भी बिल्कुल साफ थी और अंदर से गुलाबी कलर की थी बहुत मस्त और सुंदर भी थी तो मैंने उनकी चूत में एक उंगली डाली तो वो बहुत ज़ोर से आहह्ह्ह्हह उह्ह्हह्ह्ह्ह करने लगी और मेरे बालों को खींचने लगी और उसके बाद मैंने उनकी चूत पर दो मिनट तक किस किया और उसके बाद उन्होंने मुझसे कहा कि चलो दृगपाल अब 69 में आ जाओ और वो जो शहद टेबल पर रखा हुआ है उसे मुझे दे दो. फिर मैंने उनको शहद दे दिया और पहले में लेट गया और उसके बाद वो मेरे ऊपर आकर 69 की पोज़िशन में लेट गई और फिर उसके बाद मैंने देखा कि उन्होंने शहद की बॉटल खोली और धीरे से सारे शहद को मेरे लंड पर डाला और फिर चूसने लगी और यहाँ में भी उनकी चूत को चाटने में मस्त हो गया और हमारा यह चुसाई का काम चल ही रहा था कि करीब 15 मिनट के बाद वो झड़ गई और करीब 20 मिनट के बाद में भी झड़ गया.

मित्रों आज मेरा वीर्य 4 दिन बाद निकला था तो बहुत सारा निकाला और मैंने उसे उनके मुहं में भर दिया. फिर उसके बाद उन्होंने मुझसे कहा कि दृगपाल तुम्हारा वीर्य तो बहुत गरम और स्वादिष्ट भी है. अब वो मेरा लंड फिर से चूस रही थी और में ऐसे ही लेटा हुआ था. करीब 10 मिनट में मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया और इस बार उन्होंने देर ना करते हुए पहले कंडोम निकाला और मेरे लंड पर पहनाया और मेरे लंड को 10 मिनट तक चूसा और उसके बाद उन्होंने बिना मुझे कुछ कहे खुद ही मेरे लंड पर बैठ गई और धीरे-धीरे ऊपर नीचे होने लगी और करीब दो मिनट के बाद उन्होंने सहारे के लिए मेरे हाथ में अपना हाथ दिया और फिर करीब 20 मिनट तक लगातार ऊपर नीचे होती रही और हम दोनों पूरे पसीने में भीग गए थे. हम अब थक भी गए थे तो उन्होंने अपनी चूत से मेरा लंड बाहर निकाला और लेट गई और मुझे इशारा किया कि में उनके ऊपर आ जाऊँ तो में तुरंत उनके ऊपर आ गया.

3.2/5 - (6 votes)
error: Content is protected !!