Drishyam, ek chudai ki kahani- 11
हेल्लो दोस्तों, अब आगे की कहानी पढ़िए! कालिया सिम्मी से बातचीत करने का मौक़ा ढूंढता रहता था। हालांकि सिम्मी कालिया से बातचीत टालने की कोशिश करती थी। कालिया के बारेमें सिम्मी के मन में हमेशा एक अजीब सा द्वन्द चलता रहता था। एक तरफ उसका मन कालिया की और आकर्षित हो रहा था हालांकि उसे पता था की कालिया मतलब बुरा समाचार। ख़ास तौर से जबसे कालिया के बदन की बू सिम्मी ने सूंघी थी और जब से कालिया के लण्ड की ताकत सिम्मी ने अपनी चूत में महसूस की थी तब से उसका मन कालिया के बारे में ख़याल आते ही डाँवांडोल हो जाता था। सिम्मी को कुछ हद तक बुरा भी लगता था की कालिया इतनी बात करने की कोशिश कर रहा था और वह उसे बिलकुल बात नहीं कर रही थी। कालिया भी तो ढीट था। वह हतोत्साहित नहीं होता था। एक दिन तंग आ कर सिम्मी …