मैडम की चूत में लंड उतार डाला

नमस्कार मेरे मित्रगणों  और सुनाइए कैसे आप सब , मेरे कॉलेज में एक बहुत सुंदर जबरजस्त माल  आई थी, उनका नाम अनु था और वो दिखने में बहुत स्वीट थी, आप सब भी अपनी जबरजस्त माल  के पीछे पड़ते होंगे. अब में भी जबरजस्त माल  के पीछे पड़ गया था, में उसको हर समय घूरता रहता था, उनको क्लास में पढ़ाने नहीं देता था और वो जब घर जाती तो में उनके घर के सामने खड़ा रहता था. मोटी गांड वाली लड़कियों की बात ही कुछ और है.

 क्या गजब चुदकड़ अंदाज थी अब वो बिल्कुल बुरी तरह से परेशान हो गई थी. अब जबरजस्त माल  ना ही डाइरेक्टर को शिकायत कर सकती थी, क्योंकि डाइरेक्टर सर मेरे पापा के बहुत अच्छे दोस्त थे. अब में जबरजस्त माल  पर क्लास में कमेंट भी मारने लग गया था. लड़किया क्युआ गजब चुदकड़ होती है दोस्तों.

 मेरे मित्रगणों  क्या मॉल थी उसकी चुची पीकर मजा आ गया फिर जबरजस्त माल  का चेहरा गुस्से में लाल हो जाता था और मुझे गुस्से में भी जबरजस्त माल  बहुत प्यारी लगती थी. में उनकी नशीली मोटी-मोटी आँखो का दीवाना हो गया था, जिन्हें देखकर में नशे में हो जाता था, लेकिन मेरे दिल में उनके लिए कोई गलत विचार नहीं थे. मै एक नंबर का आवारा चोदा पेली करने वाला  लड़का हु मुझे लड़किया चोदना अच्छा लगता है.

 मेरे प्यारे दोस्तो चुची पिने का मजा ही कुछ और है फिर एक दिन जबरजस्त माल  ने मुझे अपने कैबिन में बुलाया, वहाँ सिर्फ़ जबरजस्त माल  बैठती थी. अब में बहुत खुश था, अब में जबरजस्त माल  को घूर रहा था और जबरजस्त माल  का चेहरा नीचे झुका हुआ था. अब जबरजस्त माल  की आँखें गीली हो गई थी और वो बिल्कुल रोने वाली थी.

तभी में जबरजस्त माल  के पास गया, तो जबरजस्त माल  रोने लग गई, तो मैंने जबरजस्त माल  के कंधे पर अपना एक हाथ रखा. फिर जबरजस्त माल  ने मेरा हाथ पकड़कर अपने ब्लाउज पर रख दिया और बोली कि तुम यही चाहते होना तो कर लो जो करना है. फिर मुझे एकदम से झटका लगा और में कैबिन से बाहर आ गया. ये कहानी पढ़ कर आपका लंड खड़ा नहीं हुआ तो बताना  लड खड़ा ही हो जायेगा .

 मेरे मित्रगणों  चुत छोड़ने के बाद सुस्ती सी आ जाती है     अब मुझे कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था, जबरजस्त माल  मेरे बारे में क्या सोचती है? फिर कॉलेज की छुट्टी हुई. अब में जबरजस्त माल  के घर के सामने खड़ा हो गया था. फिर जबरजस्त माल  आई और मुझे देखकर फिर से रोने जैसी हो गई और अपने घर चली गई. क्या बताऊ मेरे मित्रगणों   उसको देखकर किसी लैंड टाइट हो जाये.

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 मेरे मित्रगणों  मने बहुत सी भाभियाँ चोद राखी है फिर मैंने भी थोड़ी हिम्मत की और जबरजस्त माल  के पीछे-पीछे उनके घर में अंदर चला गया, उनके घर में एक 3 साल की बच्ची और एक नौकरानी थी. फिर उसने मुझे पानी दिया और फिर जबरजस्त माल  ने मेरा हाथ पकड़ा और अपने बेडरूम में ले गई. जबरजस्त माल  मुझे अभी भी गलत समझ रही थी. मेरे मित्रगणों  क्या मलाई वाला माल लग रहा था.   

 चुदाई की कहानी जरूर सुनना चाहिए मजे के लिए फिर बेडरूम में जाते ही जबरजस्त माल  ने गेट की कुण्डी लगा दी और मेरे पैरो में रोती-रोती पड़ गई. फिर मुझे एक झटका सा लगा और में पीछे हट गया. अब जबरजस्त माल  रोते-रोते कह रही थी कि आप मुझे कॉलेज से ना निकलवाए, आप जो कहेंगे में वो करने के लिए तैयार हूँ. साथियो की पुराणी मॉल छोड़ने का मजा ही कुछ और है.

 अब सुनिए चुदाई की असली कहानी फिर मुझे झटका सा लगा कि ये जबरजस्त माल  क्या कह रही है? फिर मैंने आगे बढ़कर जबरजस्त माल  को उठाया और उनके आँसू पोछे और जबरजस्त माल  से बोलने लगा. फिर .जबरजस्त माल  ने मुझे रोका और बोली कि आप यही चाहते है ना कि में आपके साथ रात गुज़ारू, तो में तैयार हूँ बस आप मुझे नौकरी से ना निकलवाइए. अब मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि जबरजस्त माल  यह क्या कह रही थी? मेरे मित्रगणों  एक बार चोदते  चोदते  मेरा लंड घिस गया.

 वहा का माहौल बहुत अच्छा था  मेरे मित्रगणों    मैंने जबरजस्त माल  से पूछा. फिर जबरजस्त माल  ने बताया कि मेरे दोस्त उनसे कहते है या तो में आपके साथ रात गुज़ारू नहीं तो आप मुझे निकलवा देंगे और बताया कि मेरा इस संसार में उसकी बेटी के आलावा कोई नहीं है, उनके पति का स्वर्गवास हो चुका है और बड़ी मुश्किल से उन्हें ये पढ़ाने की जॉब मिली है, तो तब मुझे अपने दोस्तों पर बहुत गुस्सा आया. मेरे मित्रगणों  उस लड़की मैंने चुत का खून निकल दिया.

 वहा जबरजस्त माल भी थी मेरे मित्रगणों   फिर मैंने जबरजस्त माल  से कहा कि आप मुझे बहुत प्यारी लगती हो, लेकिन मेरे दिल में आपके प्रति कोई गंदी भावना नहीं है, मुझे आप अपनी ज़िंदगी से भी ज़्यादा लगती हो. फिर जबरजस्त माल  ने इस बार हंसकर कहा कि मुझ पर लाईन मार रहे हो, मुझमें क्या अच्छा लगता है? मेरे मित्रगणों  चोदते चोदते चुत का भोसड़ा बन गया.

 ऐसे माहौल कौन नहीं रहना चाहेगा मेरे मित्रगणों   मैंने कहा कि आपकी आँखें, आपके होंठ, आपका पेट, तो ये सुनकर जबरजस्त माल  शर्मा गई. फिर मैंने जबरजस्त माल  से कहा कि क्या में आपको किस कर सकता हूँ? तो उन्होंने भरे दिल से हाँ कह दिया. फिर मैंने कहा कि अगर आप नहीं चाहती तो म ना कर दो. फिर जबरजस्त माल  ने मेरा हाथ पकड़कर कहा कि आप बहुत अच्छे हो, आप किस ले सकते हो. मेरे मित्रगणों  एक बार मैंने अपने गांव के लड़की जबरजस्ती चोद दिया.

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उह क्या मॉल था मेरे मित्रगणों  गजब  फिर जबरजस्त माल  ने अपना मुँह उठाया और अपनी आँखें बंद कर ली. अब में जबरजस्त माल  के होंठ चूमना चाहता था, अब में जबरजस्त माल  की साँसे महसूस कर रहा था, उनकी धड़कन तेज हो चुकी थी और फिर में उनके होंठो पर किस करने के बजाए उनके गाल पर किस करके जाने लगा. मेरा तो मन ही ख़राब हो जाता था मेरे मित्रगणों  .

 क्या बताऊ मेरे मित्रगणों  मैंने चुदाई हर लिमिट पार कर दिया जबरजस्त माल  ने अपनी आँखें खोली, तो मैंने आँख मारकर फ्लाइयिंग किस दे दी. अब जबरजस्त माल  और में काफ़ी घुलमिल गये थे और एक दूसरे को हग करने लग गये थे. अब जबरजस्त माल  मुझसे पूछती थी कि तुम्हें क्लास में कौन सी लड़की सबसे अच्छी लगती है? तो में जबरजस्त माल  का नाम लेता था. कुछ भी  हो माल एक जबरजस्त था .

फिर जबरजस्त माल  ने कहा कि में तो लेडी हूँ. फिर मैंने कहा कि मुझे आपके आलावा कोई पसंद नहीं है.

 उसको देखकर  किसी का मन बिगड़ जाये   माल  ने फिर से मुझसे पूछा कि आपको मुझमें क्या पसंद है? तो इस बार मैंने अपना मुँह जबरजस्त माल  के बूब्स पर रख दिया. फिर जबरजस्त माल  ने मेरा चेहरा दबा लिया और कहा कि मुझे भी तुम बहुत पसंद हो. मेरे मित्रगणों  मैंने किसी भाभी को छोड़ा नहीं है.

उह भाई साहब की माल है उसकी चुत की बात ही कुछ और है अब में जबरजस्त माल  के ब्लाउज के ऊपर से उनकी चूची पीने लगा था और फिर मैंने उनका ब्लाउज फाड़ दिया. फिर तभी जबरजस्त माल  बोली कि आज मुझे गुरु दक्षिणा चाहिए. फिर मैंने पूछा कि मेरी जान को क्या चाहिए? तो जबरजस्त माल  ने कहा कि मुझे एक बच्चा चाहिए. फिर ये सुनते ही में जबरजस्त माल  के होंठ ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगा. अब मेरा लंड तनकर जबरजस्त माल  की चूत के ऊपर टकरा रहा था. मेरे मित्रगणों  एक बार स्कूल में चुदाई कर दिया बड़ा मजा आया.

 मेरे मित्रगणों  चोदते  चोदते  कंडोम के चीथड़े मच गए मेरे दोनों हाथ जबरजस्त माल  के मोटे-मोटे चूतड़ों पर चले गये और मैंने उन्हें ज़ोर से अंदर की तरफ दबाया, तो जबरजस्त माल  बिल्कुल मुझसे चिपक गई. फिर मैंने जबरजस्त माल  की ब्रा उतार दी और उनकी चूची चूस-चूसकर लाल कर दी. अब जबरजस्त माल  को दर्द होने लगा था तो वो बोली कि सैयाँ नीचे खुजली हो रही है.

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 ओह्ह उसके यह का चुम्बन की तो बात अलग है.

फिर में जबरजस्त माल  का पेट चाटता हुआ उनकी नाभि पर आ गया और अपनी जीभ उनकी नाभि में डाल दी. अब जबरजस्त माल  मौन कर रही थी. फिर में जबरजस्त माल  की चूत में अपनी एक उंगली देने लगा. अब वो बहुत गर्म हो चुकी थी. फिर जैसे ही मैंने जबरजस्त माल  की चूत पर अपने होंठ रखे, तो उन्होंने अपना पानी छोड़ दिया और मेरे सिर को वहाँ पर ही दबा लिया. एक बार मैंने अपने मौसी की लड़की को जबरजस्ती चोद दिया.

 है उसके गांड मेरा मतलब तरबूज क्या गजब भाई अब वो ज़ोर-ज़ोर सिसकारी लेकर शांत पड़ गई थी, लेकिन में जबरजस्त माल  की चूत के दाने को मसलता रहा. फिर थोड़ी देर के बाद हम 69 की पोजिशन में आ गये. अब जबरजस्त माल  बहुत अच्छे तरीके से मेरा लंड चूस रही थी और में उनकी चूत को चूस और चाट रहा था. फिर में उनके ऊपर बैठ गया और अपने लंड से उनके बूब्स को चोदने लगा मेरे मित्रो मामा की लड़की की चुदाई में बड़ा मजा आया.

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 मेरे मित्रगणों  कई बार जबरजस्ती शॉट मरने में चुत से खून निकल गया अब जब भी मेरा लंड ऊपर जाता, तो वो उसे अपनी जीभ से चाट लेती थी और में ऐसे ही 2 मिनट में झड़ गया और वो मेरा सारा वीर्य पी गई, लेकिन जबरजस्त माल  ने मेरा लंड नहीं छोड़ा और उसे चूसती ही रही. फिर हम फिर से 69 की पोजिशन में आ गये तो थोड़ी देर में ही मेरा लंड फिर से तैयार हो चुका था और उनकी चूत मिलन के लिए तैयार था. उसका भोसड़ा का छेड़ गजब का था मेरे मित्रगणों  .

 उसकी बूब्स  देखते ही उसको पिने की इच्छा हो गयी   फिर जबरजस्त माल  बोली कि फाड़ दो मेरी चूत, मुझे अपने बच्चे की माँ बना दो. फिर मैंने एक ही झटके में अपना लंड उनकी चूत की गहराई में उतार दिया. फिर जबरजस्त माल  की चीख निकल गई, लेकिन में उन्हें प्यार करता रहा और हम फिर एक दूसरे के हो गये. फिर हमें जब कभी भी कोई मौका मिला तो हमने खूब चुदाई की और खूब इन्जॉय किया. मेरे मित्रगणों  मै सबसे पहले उसकी गांड मरना चाहता हु अच्छा चुदाई चाहे जितनी कर साला फिर भी लैंड नहीं मनता मेरे मित्रगणों    उह यह उसकी नशीली आँखे में एक दम  चुदकड़ अंदाज है.

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