नौकरी पर ऑफिस गर्ल की गांड मारी

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम अमिरता है और मैं डेल्ही से हूँ, मेरी उम्र 25 साल है और मैं शादीशुदा हूँ. जो स्टोरी में आप लोगों से शेयर करने जा रहा हूँ, ये 3 महीने पहले की है जब मैंने नई-नई जॉब जॉइन की थी. मेरे ऑफिस में बहुत से लड़के लड़कियाँ काम करते थे, लेकिन एक लड़की रूबी जो कि 23 साल की होगी और वो मुझे बहुत अच्छी लगती थी, उसकी बॉडी बहुत ही सुन्दर थी और उसकी उम्र कम थी, लेकिन उसकी बॉडी किसी जवान 26-27 साल की लड़की से कम नहीं थी, उसका फिगर साईज़ 36-28-38 था, उसके गोल-गोल बूब्स और भरे हुए चूतड़ मुझे बहुत सुंदर लगते थे. हमारी काफ़ी अच्छी दोस्ती हो गई थी और वो भी मुझमें इन्ट्रेस्ट लेती थी, वो हर बार मुझसे पूछती थी कि शादी के बाद लाईफ कैसी होती है. फिर एक दिन मैंने उससे पूछ ही लिया कि तुम …

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बहन को फंसाकर घर में चोदा

 .. मेरा नाम दिनेश काश  है और में इस साईट का बहुत चाहने वाला हूँ.. क्योंकि मुझे चोदा पेली  फिल्म देखने से ज़्यादा मज़ा इस साईट की स्टोरी पढ़ने में आता है और शायद आप सभी को भी आता होगा में अधिकतर वास्तविक चोदा पेली कहानियाँ ही पढ़ता हूँ और कभी कभी देसी भी. मेरी उम्र अभी 21 साल है और मेरे साथ 12 अगस्त को बहुत मस्त घटना हुई जो में आज आप सभी से शेयर करना चाहूँगा और वो मेरे दिमाग़ से हट ही नहीं रही.. बाकी सब स्टोरी का पता नहीं.. लेकिन यह स्टोरी बिल्कुल एकदम असली है और अब में उस दिन को पुरानी यादोँ की तरह आप सभी के सामने रखता हूँ. मेरी छोटी बहन 19 साल की है और उसका नाम प्रियंसी   है और पता नहीं मुझे एकदम से क्या हो गया है कि में आजकल उसी को देखकर तड़पता रहता हूँ और …

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Drishyam, ek chudai ki kahani-25

हेल्लो, अब आगे की हिन्दी सेक्स कहानी पढ़िए और मजे लीजिये! दूसरे दिन सुबह जब भाई नहीं थे तब आरती ने भाभी से पूछा, “भाभी क्या बात थी? कल भैया से कुछ झगड़ा हुआ था क्या?” भाभी अपने होँठ दबाकर शरारत भरी हँसी दिखाते हुए अपनी साडी का पल्लू अपनी कमर पर बाँध कररसोई में काम करते हुए बोली, “अरे तू रातभर हमारी दिवार से कान लगा कर हमारी सब बातें सुनती रहती है क्या?” आरती ने सहमे हुए कहा, “नहीं भाभी ऐसी कोई बात नहीं। पर रातको भैया काफी जोर से चिल्ला रहे थे। क्या बात थी भाभी?” भाभी ने फिर अपना मुंह बनाते हुए कहा, “मर्दों के साथ क्या बात होती है? वही बात। उन्हें तो बस हमारी लेनी होती है। हमारा मन करे या ना करे। यह सारे मर्द ना साले एक ही सरीखे होते हैं। जब तक ना दो तब तक तो वह हमें रानी, सुंदरी, …

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Drishyam, ek chudai ki kahani-24

दृश्यम द्वितीय चरण: मेरी करबद्ध प्रार्थना। हर महिला की निजी पसंद नापसंद का सम्मान करें। उनको कभी भी हीन दृष्टि से ना देखें। स्त्री जाती का ऋण हम जन्मों जन्मों तक चुका नहीं सकते। यह कहानी सत्य तथ्यों पर आधारित है पर पूर्णतया सत्य भी नहीं है। इसमें साहित्यिक दृष्टि से और खास कर इस माध्यम और पाठकों के परिपेक्ष में जो कुछ भी उचित परिवर्तन, सुधार, संक्षिप्तीकरण विस्तृति करण बगैरह करना चाहिए वह करने के पश्चात यह कहानी पाठकों के सामने प्रस्तुत की जा रही है। मेरी हर कहानी साधारण तयः सरल और स्त्री पुरुष के जातीय प्यार और कुछ जातीय (सेक्सुल) नवीनीकरण या साहसिकता से भरी हुई होती है। पर यह कहानी थोड़ी सी अलग है। इसमें जातीय साहसिकता की सिमा लांघ कर मानसिक विकृति कई लोगों के दिमाग में कैसे घर कर जाती है यह दर्शाने की कोशिश की गयी है। मेरी हर कहानी की तरह यह …

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Drishyam, ek chudai ki kahani-23

दूसरे दिन सुबह! कालिया सुबह चार बजे ही घर से निकल चुका था। सिम्मी ने कमरे की सारी चीज़ें फिर से ठीक ठाक कर दीं थीं। चद्दरें बदल दी थीं। पर सिम्मी पलंग को ठीक करना भूल गयी थी। सिम्मी जल्दी से वापस अपने कमरे में आ चुकी थी। सिम्मी की हालत इतनी खराब हो गयी थी की उससे चला नहीं जा रहा था। उसकी चूत सूझ गयी थी। वह पानी भी उसके चूत पर डाल भी नहीं सकती थी। ऊपर से सिम्मी को कालिया के वीर्य जाने से हुए खतरे का मानसिक बोज था। वह इस बात को लेकर बहुत परेशान थी। कपडे बदलते हुए सुबह जब सिम्मी की नजर चाचीजी ने दिए हुए लिफ़ाफ़े पर पड़ी तो अचानक उसे याद आया की वह लिफाफा चाची ने उसे दिया था और उसे ख़ास हिदायत दी थी हो सकता है की कालिया जब आएगा तब उसे उसकी शायद जरुरत पड़े। …

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सेक्सी बहन के साथ गोवा में मजा – 2

“सेक्सी बहन के साथ गोवा में मजा – 1” से आगे की कहानी …  कैसे है आप सब आशा है अच्छे होंगे और चुदाई के जुगाड़ में होंगे फिर मेरी बहन ने देखा कि मेरा थोड़ा मन खराब है तो उसने मेरे गाल पर किस किया और फिर वो मेरे कंधे पर सर रखकर बैठ गयी और फिर में भी उसके बालों में हाथ फैरने लगा. मेरी बहन थोड़ा मेरे पास आई और कहा कि क्या तुम सच में अपनी गर्लफ्रेंड को मिस कर रहे हो? तो मैंने कहा कि हाँ तो उसने अपना थोड़ा सर उठाया और मेरे चहरे के पास अपना चेहरा लाई और मेरे होंठों के पास आई तो मैंने देखा कि उसकी आंखे बंद हो चुकी थी. फिर मैंने भी अपनी आंखे बंद कर ली और फिर उसने मुझे हल्का सा किस किया. फिर उसने मेरा हाथ पकड़ा और अपने सीधे चूचिया  पर रख दिया. उसका …

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Drishyam, ek chudai ki kahani-22

कुछ देर बाद सिम्मी ने एक छोटा सा तौलिया लिया और अपनी चूत के अंदर डाल कर सफाई की और जाँघों को पोंछा। सिम्मी कालिया की चुदाई करने की क्षमता से प्रभावित थी। जैसे करीब आधा घंटे तक कालिया ने सिम्मी को बगैर झड़े चोदा यह उसकी सख्त बदन और शारीरक क्षमता का परिचय देता था। साथ साथ में कालिया ने सिम्मी को थोड़ा थका दिया था। सिम्मी जिद्दी और अड़ियल थी। वह अपनी हार मानने वाली नहीं थी। उस के लिए अब यह इज्जत का सवाल था। सिम्मी ने कहा, “मेरे आज रात के पति, मैं थकी नहीं हूँ। ज़रा इसे साफ़ करलूं।” कह कर सिम्मी फिर से कालिया का वीर्य साफ़ करने में जुट गयी। जाँघों की सफाई होने के बाद सिम्मी कालिया को देखने पीछे मुड़ी और कालिया की और घूम कर उससे सट गयी। कालिया की बाँहों में जाकर उसने अपने होँठ कालिया को किस करने …

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Drishyam, ek chudai ki kahani-21

कालिया ने एक हल्का धक्का मार कर सिम्मी की गीली चिकनी चूत में अपना लण्ड थोड़ा सा घुसेड़ा। सिम्मी इस बार तैयार थी। सिम्मी ने कालिया की और देख कर कुछ मुस्कुरा कर इशारा किया की वह लण्ड को और घुसाए। कालिया ने और जोर लगा कर एक झटके में आधा लण्ड जब सिम्मी की चूत में घुसेड़ा तब सिम्मी की कराहट निकल गयी। सिम्मी को चूत खिंच कर फूल गयी थी। कालिया ने देखा की सिम्मी आँख बंद कर कालिया के लण्ड को अपने बदन में महसूसकर रही थी। सिम्मी ने फिर कालिया की और देखा और मुस्कुरायी। पहली दो बार सिम्मी ज्यादातर अपनी आँखें बंद कर कालिया के आक्रमण को झेल रही थी पर इस बार कालिया को सिम्मी में बड़ा फर्क नजर आया। सिम्मी कालिया से चुदवाना चाहती थी और उसमें उसे कोई शर्म, अफ़सोस या घृणित भाव नहीं था। कालिया ने सिम्मी की मुस्कान को उसकी …

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बहन को चोदकर रखेल बनाया

नमस्कार मेरे मित्रगणों  और सुनाइए कैसे आप सब .. मेरी परिवार  में हम 6 लोग है.. मैं, माँ, पापा और मेरी दो बहनें.. जिनका नाम गीता  और अनुष्का    है. दोस्तों.. में आज आप सभी को मेरे द्वारा‍‌ जबरदस्ती गीता  के साथ बनाए गए गलत संबंधो के बारे बता रहा हूँ. मेरी बहन जब 18 साल की थी.. तब उसके चूचिया  मोटे होना शुरू हो गये थे. जब वो बारहवीं में पढ़ती थी. गीता  बचपन से ही बहुत सुंदर है और जैसे जैसे गीता  बड़ी होती गई वैसे वैसे उसकी जवानी चड़ती गई और गीता  कली से फूल बन गयी. अब जो भी गीता  को देखता है वो पागल हो जाता.. गीता  का गोरा बदन, मोटे मोटे चूचिया , मस्ताने चूतड़ मुझे बहुत पागल बना रहे थे और फिर धीरे धीरे मेरा नज़रिया मेरी बहन के लिए बदलने लगा. मुझे उसमे अपनी बहन कभी नहीं दिखती थी.. गीता  मुझे केवल …

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Drishyam, ek chudai ki kahani-20

काफी देर तक चिपके रह कर एकदूसरे के मुंह में अपनी लार दे कर और एक दूसरे की जीभ चूसकर आखिर में दोनों अलग हुए। सिम्मी का स्त्री रस जो उसकी चूतमें से चू रहा था उसे कालिया को चाटना था जिससे की उस रात की उसकी मल्लिका खुश हो जाए और कालिया को अपना सर्वस्व ख़ुशी से अर्पण कर उस रात को यादगार बना दे। कालिया ने बड़े प्यार से नंगी सिम्मी को अपनी बाँहों में उठा कर पलंग के एक छोर पर लिटा दिया और उसकी टाँगों को फैला कर उसकी टांगों के बिच में जा पहुंचा। कालिया ने सिम्मी की चूत की गुलाबी पंखुड़ियों को अपनी उँगलियों से जुदा किया और जीभ लम्बी कर सिम्मी की चूत के दाने को जीभ की नोक से चाटने लगे। जैसे ही कालिया की जीभ की नोक ने सिम्मी की चूत के दाने को छुआ तो सिम्मी पलंग पर ही उछल …

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