निदा की अन्तर्वासना-1
दोस्तो, मेरी पिछली कहानी में मैंने बताया था कि कैसे मेरा ठिकाना लखनऊ में हुआ और फिर यहाँ जो ननद-भाभी की चूत के दर्शन सुलभ हुए तो वारे न्यारे हो गए और बाद में जब दोनों के बीच सब कुछ साफ़ हो गया तो मेरी उँगलियाँ समझो कि घी में तैर गईं। दोनों ने समझौता कर लिया था और अब यह होता था कि भाई साहब ने बीवी और बहन को समझो, मेरे हवाले कर दिया था और अब एक रात मेरे साथ ज़रीना सोती थी तो एक रात निदा। ऐसे ही महीना गुज़र गया। इस बीच कम्पनी के गुड़गांव ऑफिस से एक मेरी ही उम्र का लड़का नितिन लखनऊ शिफ्ट हुआ था और हफ्ते भर में ही मेरी उससे बड़ी अच्छी छनने लगी थी। दोनों ही अपने घरों से दूर एक नए शहर में अकेले थे तो दोस्ती हो जाना कोई बड़ी बात नहीं थी और हमारे बीच अंतरंग …