Drishyam, ek chudai ki kahani-30

मैं तो भोली गँवार गवालन थी। तुमने मैं की लत क्यों डाली? कई बार जब अर्जुन घर में होता और इंटरनेट पर लगा रहता था तो आरती अर्जुन के सामने आ कर बैठ जाती और अर्जुन से पूछती की शादी के बाद अर्जुन दो सौतन और क्यों लाया? पहली सौतन अर्जुन का काम और दूसरी सौतन इंटेरनेट। जब अर्जुन कुछ जवाब ना देता तो आरती गुस्से में कहती “अगर तुम मेरे लिए सौतन लाते हो तो फिर तैयार रहना मैं भी तुम्हारे लिए सौतेला पति ले आउंगी। मेरे दूसरे पति से मेरी चुदाई जब होगी तो फिर तुम अपने बिस्तर में पड़े पड़े मेरी सिसकारियां और कराहटें सुनते रहना। फिर शिकायत मत करना” जब आरती ने अर्जुन से सौतेला पति लाने की बात कही तो उसे सुन कर घबड़ा ने या चिंता करने के बजाय अर्जुन का लण्ड उसके पयजामें में ही खड़ा हो गया था। अर्जुन के दिमाग में …

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Drishyam, ek chudai ki kahani-29

दृश्यम द्वितीय चरण पति और पत्नी के रिश्तों का नाजुक तानाबाना गूंथती हुई यह कहानी तत्कालीन भारतीय सामाजिक परिपेक्ष में शायद पोर्न अथवा अश्लील श्रेणी में समावेश हो सकती है। पर हमें यह स्वीकार करना होगा की तत्कालीन समाज में पति पत्नी के रिश्ते एक बड़े ही नाजुक दौर से गुजर रहे हैं जिसमें पति और पत्नी की सामाजिक, आर्थिक, जातीय और व्यावसायिक संवेदना को सम्हालना और पति पत्नी के सम्बन्ध को निभाना अति कठिन साबित हो रहा है। यह एक ऐसी चुनौती है जिसे पति और पत्नी दोनों को एक दूसरे की संवेदना को समझ कर कहीं ना कहीं एक दूसरों को आवश्यक अवकाश दे कर, उन्हें और उनकी कमजोरियों को स्वीकार कर अपनी रचनात्मक पटुता से दाम्पत्य जीवन को सुखमय और रसमय बनाना होगा। यही मेरी सब उन दम्पतियों से प्रार्थना है, जो एक दूसरे को चाहते हैं और साथ में रहते हुए जीवन के जातीय प्रयोगात्मक आनंद …

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Drishyam, ek chudai ki kahani-27

हेल्लो, अब आगे की हिन्दी सेक्स कहानी पढ़िए और मजे लीजिये! आरती कमल के चंगुल से छूटना चाहती थी। उसके बदन का सारा रोमांच कमल के जबरदस्ती करने से हवा हो चुका था। उसे अब जैसे तैसे कमल से खुद को आझाद करना था। आरती ने जोर से पुकारा, “कमल यह क्या कर रहे हो? छोडो मुझे।” जब कमल ने आरती के बिनती करने पर भी नहीं छोड़ा तो आरती अपने हाथोँ से कमल के बाहुपाश को छुड़ाने के लिए जोर से भरदम कोशिश करती हुई, “अरे कोई है? बचाओ, मुझे बचाओ।” बोलती हुई जोर से चिल्लाने लगी। कमल को आरती से ऐसे विरोध की अपेक्षा नहीं थी। कमल ने यही सोचा था की हर बार की तरह इस बार भी आरती थोड़ा सा सांकेतिक विरोध करेगी और, “भैया यह तुम क्या कर रहे हो? कोई देख लेगा।” यह कहते हुए अपने आप को कमल के हवाले कर देगी। पर …

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नौकरानी के साथ पहला अनुभव

नमस्कार साथियों, मेरा नाम दलजीत है और में पंजाब में पटियाला का रहने वाला हूँ, मेरी उम्र 22 साल है. यह मेरी पहली स्टोरी है और एकदम सच्ची है. मेरे घर पर एक नौकरानी काम किया करती थी और उसका नाम मीरा था. क्या जबरदस्त बूब्स थे उसके? एकदम टाईट. मेरा उन्हें देखते ही पकड़ने का मन करता था, लेकिन एक दिन हमें पता लगा कि उसके पति की मौत हो गयी है और वो अपने बच्चों के साथ अपने गाँव चली गयी है. उसके जाने के बाद हमने कोई नयी नौकरानी ढूंढनी शुरू की, लेकिन अच्छी नौकरानी आजकल मिलती कहाँ है? तो लगभग 2 हफ्ते के बाद हमें पता लगा कि मीरा वापस आ गयी है और फिर से काम शुरू करने वाली है. फिर मेरी माँ तुरंत उसके घर गयी और उससे घर के काम के लिए कहने लगी, तो अगले ही दिन वो फिर से काम पर …

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Drishyam, ek chudai ki kahani-26

हेल्लो, अब आगे की हिन्दी सेक्स कहानी पढ़िए और मजे लीजिये! आरती समझ गयी की कमल भैया उसको ललचा फुसला कर चोदना चाहते थे। पर आरती की माँ ने आरती को घुमा फिरा कर यही कहा था की लड़की को अपना सर्वस्व सिर्फ अपने पति को शादी के बाद ही देना है। आरती समझ गयी की माँ यह कह रही थी की लड़की को पहली बार अपने पति से ही चुदवाना चाहिए। भाभी से बात करने के बाद आरती के मन में चुदवाने की प्रबल इच्छा जाग उठी थी, पर दो कारणों से आरती नहीं चुदवा पायी। पहला कारण यह की माँ ने मना किया था। दुसरा कारण यह था की आरती को चुदवाने का कोई मौक़ा ही नहीं मिला। आरती का कमल भैया को छोड़ और कोई लड़के से किसी भी तरह का सम्बन्ध या दोस्ती नहीं थी, जिससे उसे ऐसा कुछ मौक़ा मिले। पर कमल की नजर आरती …

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नौकरी पर ऑफिस गर्ल की गांड मारी

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम अमिरता है और मैं डेल्ही से हूँ, मेरी उम्र 25 साल है और मैं शादीशुदा हूँ. जो स्टोरी में आप लोगों से शेयर करने जा रहा हूँ, ये 3 महीने पहले की है जब मैंने नई-नई जॉब जॉइन की थी. मेरे ऑफिस में बहुत से लड़के लड़कियाँ काम करते थे, लेकिन एक लड़की रूबी जो कि 23 साल की होगी और वो मुझे बहुत अच्छी लगती थी, उसकी बॉडी बहुत ही सुन्दर थी और उसकी उम्र कम थी, लेकिन उसकी बॉडी किसी जवान 26-27 साल की लड़की से कम नहीं थी, उसका फिगर साईज़ 36-28-38 था, उसके गोल-गोल बूब्स और भरे हुए चूतड़ मुझे बहुत सुंदर लगते थे. हमारी काफ़ी अच्छी दोस्ती हो गई थी और वो भी मुझमें इन्ट्रेस्ट लेती थी, वो हर बार मुझसे पूछती थी कि शादी के बाद लाईफ कैसी होती है. फिर एक दिन मैंने उससे पूछ ही लिया कि तुम …

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बहन को फंसाकर घर में चोदा

 .. मेरा नाम दिनेश काश  है और में इस साईट का बहुत चाहने वाला हूँ.. क्योंकि मुझे चोदा पेली  फिल्म देखने से ज़्यादा मज़ा इस साईट की स्टोरी पढ़ने में आता है और शायद आप सभी को भी आता होगा में अधिकतर वास्तविक चोदा पेली कहानियाँ ही पढ़ता हूँ और कभी कभी देसी भी. मेरी उम्र अभी 21 साल है और मेरे साथ 12 अगस्त को बहुत मस्त घटना हुई जो में आज आप सभी से शेयर करना चाहूँगा और वो मेरे दिमाग़ से हट ही नहीं रही.. बाकी सब स्टोरी का पता नहीं.. लेकिन यह स्टोरी बिल्कुल एकदम असली है और अब में उस दिन को पुरानी यादोँ की तरह आप सभी के सामने रखता हूँ. मेरी छोटी बहन 19 साल की है और उसका नाम प्रियंसी   है और पता नहीं मुझे एकदम से क्या हो गया है कि में आजकल उसी को देखकर तड़पता रहता हूँ और …

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Drishyam, ek chudai ki kahani-25

हेल्लो, अब आगे की हिन्दी सेक्स कहानी पढ़िए और मजे लीजिये! दूसरे दिन सुबह जब भाई नहीं थे तब आरती ने भाभी से पूछा, “भाभी क्या बात थी? कल भैया से कुछ झगड़ा हुआ था क्या?” भाभी अपने होँठ दबाकर शरारत भरी हँसी दिखाते हुए अपनी साडी का पल्लू अपनी कमर पर बाँध कररसोई में काम करते हुए बोली, “अरे तू रातभर हमारी दिवार से कान लगा कर हमारी सब बातें सुनती रहती है क्या?” आरती ने सहमे हुए कहा, “नहीं भाभी ऐसी कोई बात नहीं। पर रातको भैया काफी जोर से चिल्ला रहे थे। क्या बात थी भाभी?” भाभी ने फिर अपना मुंह बनाते हुए कहा, “मर्दों के साथ क्या बात होती है? वही बात। उन्हें तो बस हमारी लेनी होती है। हमारा मन करे या ना करे। यह सारे मर्द ना साले एक ही सरीखे होते हैं। जब तक ना दो तब तक तो वह हमें रानी, सुंदरी, …

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Drishyam, ek chudai ki kahani-24

दृश्यम द्वितीय चरण: मेरी करबद्ध प्रार्थना। हर महिला की निजी पसंद नापसंद का सम्मान करें। उनको कभी भी हीन दृष्टि से ना देखें। स्त्री जाती का ऋण हम जन्मों जन्मों तक चुका नहीं सकते। यह कहानी सत्य तथ्यों पर आधारित है पर पूर्णतया सत्य भी नहीं है। इसमें साहित्यिक दृष्टि से और खास कर इस माध्यम और पाठकों के परिपेक्ष में जो कुछ भी उचित परिवर्तन, सुधार, संक्षिप्तीकरण विस्तृति करण बगैरह करना चाहिए वह करने के पश्चात यह कहानी पाठकों के सामने प्रस्तुत की जा रही है। मेरी हर कहानी साधारण तयः सरल और स्त्री पुरुष के जातीय प्यार और कुछ जातीय (सेक्सुल) नवीनीकरण या साहसिकता से भरी हुई होती है। पर यह कहानी थोड़ी सी अलग है। इसमें जातीय साहसिकता की सिमा लांघ कर मानसिक विकृति कई लोगों के दिमाग में कैसे घर कर जाती है यह दर्शाने की कोशिश की गयी है। मेरी हर कहानी की तरह यह …

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Drishyam, ek chudai ki kahani-23

दूसरे दिन सुबह! कालिया सुबह चार बजे ही घर से निकल चुका था। सिम्मी ने कमरे की सारी चीज़ें फिर से ठीक ठाक कर दीं थीं। चद्दरें बदल दी थीं। पर सिम्मी पलंग को ठीक करना भूल गयी थी। सिम्मी जल्दी से वापस अपने कमरे में आ चुकी थी। सिम्मी की हालत इतनी खराब हो गयी थी की उससे चला नहीं जा रहा था। उसकी चूत सूझ गयी थी। वह पानी भी उसके चूत पर डाल भी नहीं सकती थी। ऊपर से सिम्मी को कालिया के वीर्य जाने से हुए खतरे का मानसिक बोज था। वह इस बात को लेकर बहुत परेशान थी। कपडे बदलते हुए सुबह जब सिम्मी की नजर चाचीजी ने दिए हुए लिफ़ाफ़े पर पड़ी तो अचानक उसे याद आया की वह लिफाफा चाची ने उसे दिया था और उसे ख़ास हिदायत दी थी हो सकता है की कालिया जब आएगा तब उसे उसकी शायद जरुरत पड़े। …

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