Drishyam, ek chudai ki kahani-22
कुछ देर बाद सिम्मी ने एक छोटा सा तौलिया लिया और अपनी चूत के अंदर डाल कर सफाई की और जाँघों को पोंछा। सिम्मी कालिया की चुदाई करने की क्षमता से प्रभावित थी। जैसे करीब आधा घंटे तक कालिया ने सिम्मी को बगैर झड़े चोदा यह उसकी सख्त बदन और शारीरक क्षमता का परिचय देता था। साथ साथ में कालिया ने सिम्मी को थोड़ा थका दिया था। सिम्मी जिद्दी और अड़ियल थी। वह अपनी हार मानने वाली नहीं थी। उस के लिए अब यह इज्जत का सवाल था। सिम्मी ने कहा, “मेरे आज रात के पति, मैं थकी नहीं हूँ। ज़रा इसे साफ़ करलूं।” कह कर सिम्मी फिर से कालिया का वीर्य साफ़ करने में जुट गयी। जाँघों की सफाई होने के बाद सिम्मी कालिया को देखने पीछे मुड़ी और कालिया की और घूम कर उससे सट गयी। कालिया की बाँहों में जाकर उसने अपने होँठ कालिया को किस करने …