दो बहनो के साथ चुदाई
पम्मी दीदी के साथ चुदाई का सिलसिला शुरू हुए अभी महिना ही गुज़रा था की एक दिन जब मैं और पम्मी दीदी चुदाई कर के फ्री हुए ही थे और दरवाज़े की घंटी बजी, मुझे लगा आज तो पकडे गए क्यूंकि गेट पर मेरी अपनी दीदी थी। मैंने कपडे पहने और जा कर गेट खोला, दीदी अन्दर आ कर बोली “पम्मी आई हुई है क्या” मैंने शर्मा कर हाँ कहा तो वो हंस पड़ी और उनकी हँसी सुनकर पम्मी दीदी भी बाहर आ गयी और मैं अब हैरान था क्यूंकि उन्होंने कोई भी कपडा नहीं पहन रखा था। पम्मी दीदी सीधी मेरी बहन चारू के पास आई और उन्होंने मेरी दीदी को उनके होठों पर किस कर लिया जिसके जवाब में मेरी दीदी ने भी उन्हें होठों पर जम्म कर चूमा, मेरे लिए ये बिलकुल नया था क्यूंकि मैंने अपनी बहन के बारे में कभी ऐसा नहीं सोचा था। मैं …